Tuesday, October 9, 2012




इमोशनल  भ्रष्टाचार 


पहला  दृश्य -

राजीव के घर के हाल का दृश्य -राजीव ऑफिस जाने की तैय्यारी में है और उसकी पत्नी अनीता रसोई घर में उसका श्ता बना रही है, पार्श्व में टीवी पर इमोशनल भ्रष्टाचार कार्यक्रम  रहा है जिसका स्वर अत्यधिक तेज़ है.

टीवी से आते हुए स्वर   : दिल्ली के पोश इलाके  जनकपुरी में रहने वाले दीपक आनंद पिछले  महीनों से अपनी पत्नी को लगातार धोखा दे रहे हैं, दीपक अपने दिलफेंक स्वभाव के चलते कई महिलाओं से सम्बन्ध   बना चुके हैं उनकी पत्नी सोनिया ने इमोशनल भ्रष्टाचार  की टीम से संपर्क कर के दीपक पे लोयलटी टेस्ट करने की इच्छा ज़ाहिर की, आइये देखते हैं कैसा रहा जनकपूरी निवासी दीपक आनंद का लोयल्टी टेस्ट.

राजीव अनीता से          : बंद करो अपनी सहेली प्रिया  का ये  वाहियात प्रोग्राम, इन चैनल वालों के पास अब
 कुछ भी नहीं बचा है सिवा इसके की वो लोगों के निजी जीवन में तांक-झाँक  कर के अपनी टी आर पी बढ़ाएं,

अनीता                      : तो क्या बुराई है इसमें, कम से कम लोगों की असलियत तो सामने आती है...इन शादी शुदा आशिकों का यही इलाज है| मालूम है प्रिया के इस प्रोग्राम की वजह  से उसकी ख्याति विदेशों तक पहुँच गयी है 

राजीव(नाश्ता करते हुए) : तुम्हारी सहेली प्रिया भी अजीब है खुद तो शादी की नहीं और अब दूसरों की तोड़ने का 
इंतज़ाम कर रही है                                                                                                                                                                                                                                                     

                                  तुम ये ही सब देखती रहो दिन भर और अपना दिमाग खराब करती रहो, मुझे ऑफिस के लिए देर हो रही है मैं निकल रहा हूँ, हां आज एक ज़रूरी मीटिंग है ऑफिस में, 
मुझे शाम को देर हो  जायेगी, मै आज लंच पे भी घर नहीं आऊंगा.

(अनीता राजीव का बैग ले के उसे दरवाज़े तक छोड़ने आती है, तभी उस के मोबाइल फ़ोन की घंटी बजती है, अनीता दौड़ के फ़ोन उठाती है |

अनीता                       : हेल्लो कौन? ओह प्रिया कैसी हो...तुम्हारा प्रोग्राम इमोशनल भ्रष्टाचार  तो बहुत बढ़िया चल रहा है, मैं अभी वो ही देख रही थी 

प्रिया(पार्श्व में फ़ोन पर)  : हाँ अनीता जब से मैंने ये प्रोग्राम शुरू किया है, मर्दों का जीना दूभर हो गया है...
.तू अपनी बता बहुत व्यस्त रहती है आजकल .

अनीता                       : नहीं प्रिया , ऐसा नहीं है....(मुस्कुराते हुए)जब तक राजीव घर पे रहते हैं वो कुछ और करने ही नहीं देते 

प्रिया                          : हाँ हाँ क्यूँ नहीं....मैडम का लव तो मैरिज के  साल  बाद भी चल रहा है|

अनीता                        : छोड़ो ये सब, तुम बताओ कैसे याद किया ?

प्रिया                           : अरे तुम्हे एक मसालेदार खबर बतानी थी, वो जो अपनी सहेली कविता है ?

अनीता                         : कविता वो ही  जिसकी शादी मेरी शादी वाले दिन ही हुई थी ?

प्रिया                           : हाँ वो ही, मैंने उसका  पिछले हफ्ते ही डिवोर्स करवा दिया , उस के पति का ऑफिस की सहकर्मी के साथ दो साल से ज़बरदस्त अफेयर चल रहा था. और ये बात उस को इमोशनल भ्रष्टाचार की मदद से  ही  पता चली 

अनीता                         : अरे यार ये तो बहुत बुरा हुआ, पर ये बताओ कविता को अपने पति  के अफेयर के बारे में दो साल तक पता नहीं लगा,

प्रिया  : यही तो,ये पत्नियाँ अपने पति को परमेश्वर मान के बैठ जाती हैं और ये पति अपनी
 पत्नियों के विश्वास का नाजायज़ फायदा उठाते हैं, मै तो कहती हूँ अगर पति के
 विवाहोत्तर सम्बन्ध          बनते हैं तो ये दोष पत्नियों का ही है जिन्होंने सच से आंख मूँद कर पतियों को अनावश्यक छूट दे रखी है 

अनीता : पर बहुत ज्यादा शक्की होना भी तो ठीक नहीं है ?
प्रिया                           : नहीं अनीता पर नज़र रखनी ज़रूरी है, यदि पति बहुत ज्यादा प्यार जतलाये, महंगे 
तोहफे दे  या फिर फ़ोन और कंप्यूटर पे कुछ ज्यादा समय बिताये तो समझो दाल में कुछ कुछ काला  ज़रूर है 

अनीता                         : (कुछ सोचते हुए..कुछ देर शांत रहने के बाद) हम्म्म!

प्रिया                            : कहाँ खो गयीं मैडम?

अनीता                          : कुछ नहीं प्रिया , मुझे कुछ ज़रूरी काम याद  गया, मै तुझे फ़ोन करुँगी...बाय बाय!


अनीता कुछ बेचैन सी इधर-उधर टहलती है फिर अपने मोबाइल से राजीव का नंबर मिलाती है, उधर से आवाज़ आती है 
"जिस व्यक्ति से आप संपर्क करना चाहते हैं, वो अभी दूसरी काल पे हैं,कृपया लाइन पे बने रहें, या फिर दुबारा डायल करें " अनीता कुछ रुक के फिर डायल करती है और उसको फिर से वही  सन्देश सुनाई पड़ता है.
"जिस व्यक्ति से आप संपर्क करना चाहते हैं, वो अभी दूसरी काल पे हैं,कृपया लाइन पे बने रहें, या फिर दुबारा डायल करें "

अनीता के चेहरे पे परेशानी के  भाव आते हैं , तभी उस के फ़ोन की घंटी बजती है और 
उधर से राजीव की आवाज़ आती है.


राजीव (थोड़े रूखे स्वर में)    : हाँ बोलो अनीता फ़ोन क्यूँ किया, मैंने कहा था  मेरी ज़रूरी मीटिंग है.       

अनीता     : मीटिंग में थे तो फ़ोन क्यूँ व्यस्त  रहा था 

राजीव  (नाराज़गी से)          : ओफ्फोह ....अरे मीटिंग फ़ोन पर ही थी...इसको कांफेरेंस कॉल कहते हैं, अब फ़ोन
 काटो और दुबारा मुझे परेशान  मत करना 

अनीता                            : तुम नाराज़ क्यूँ हो रहे हो, मैंने कोई गलत बात तो नहीं की थी  

अनीता की बात पूरी होने से पहले ही फ़ोन कट जाता है 


दूसरा दृश्य 

 रात के आठ बजे हैं, दरवाज़े की घंटी बजती है, अनीता दरवाज़ा खोलती है और राजीव
 घर के अन्दर आता है, राजीव अनीता को आलिंगन में ले लेता है ..
राजीव : कैसी है मेरी डार्लिंग बीवी, देखो मै तुम्हारे लिए क्या लाया हूँ
(राजीव एक हीरे का हार अनीता के गले में डालता है )
राजीव: ये हार तुम पे बहुत खूबसूरत लग रहा है, मैं नहा के आता हूँ तब तक जल्दी से 
मेरा खाना मेरा खाना लगा दो|

(पार्श्व में प्रिया की फ़ोन पे कही हुई बातें अनीता के मस्तिष्क में गूंजने लगती हैं)


राजीव अपना फ़ोन टेबल पे रख के नहाने चला जाता है, अनीता राजीव का फ़ोन उठा के कॉल विवरण चेक करती है | राजीव के फ़ोन में एक ही नंबर से कई बार काल्स का आदान प्रदान दिखता है |
अनीता स्वयं से बात करते हुए: 987655443....इस नुम्बर से दिन में १२ काल्स ? 
राजीव ने भी ये नंबर कई बार डायल किया है....मैं मिला के देखती हूँ 

अनीता राजीव के फ़ोन से ही वो नंबर मिलाती है, कालर ट्यून में गाना सुनाई पड़ता है "ये मेरा दिल प्यार का दीवाना' फ़ोन उठता है और उधर से एक महिला की बहुत अदा भरी आवाज़ आती है

महिला   : हाई राजीव, हाउ आर यू ...गुड तो हीयर फ्रॉम यू वंस अगेन ... आई वास वेटिंग फॉर 
यौर कॉल..

तभी राजीव नहा के निकलता है और अनीता घबड़ा के फ़ोन काट देती है

राजीव (खाना खाने के बाद) : अनीता मै स्टडी रूम में जा रहा हूँ, मुझे कंप्यूटर पे एक रिपोर्ट बनानी है...तुम सो जाना, गुड नाइट 


(राजीव उठ के स्टडी की ओरे चला जाता है और  अनीता अपने मोबाइल से प्रिया को
 फोन मिलाती है

अनीता : प्रिया, मुझे तेरी एक मदद चाहिए 

प्रिया   :   हाँ बोल 

अनीता :  आज सुबह तेरी बातें सुनकर मुझे ऐसा लगा की पिछले कुछ दिनों से राजीव का व्यहवार कुछ अजीब सा है, वो कभी कुछ ज्यादा ही प्यार जताते हैं और कभी एकदम बेरुखी से
 पेश आते हैं, आजकल उनका अधिकतर समय मोबाइल फ़ोन पे या कंप्यूटर पर ही 
व्यतीत होता है,

प्रिया    : अरे बाप रे ...ये तो काफी खतरनाक लक्षण हैं

अनीता  : तू ठीक कह रही है, पर मैं करूँ क्या,

प्रिया     : अरे यार  तुझको कुछ नहीं करना है....अब तो काम करेगी इमोशुनल भ्रष्टाचार की टीम अब तू देख मैं कैसे तेरे पति को रंगे हाथ पकड़वाती हूँ 


तीसरा दृश्य 

अगले दिन इमोशुनल भ्रष्टाचार के ऑफिस का दृश्य, प्रिया बॉस वाली टेबल पे बैठी हुई है और उसके सामने उस की टीम के  सदस्य अमित और रोशनी बैठे हुए हैं, अमित
 सामान्य ऑफिस गेट उप में हैं जबकि रौशनी  काफी तड़क भड़क वाले ग्लेमरस वस्त्र
 पहनी है.


प्रिया     : समय  गया है एक और पर्दाफाश का , एक और मजनू की घिनौनी दास्तान दुनिया तक पहुंचाने का.



अमित    : मुबारक हो मैडम कौन है हमारी अगले महीने की तनख्वाह 


 प्रिया      : हमारा नया  शिकार है नॉएडा निवासी राजीव कपूर जो की एक बहुराष्ट्रीय कंपनी का 
उच्च अभिकारी है
         एक  सुन्दर एवं सुशील पत्नी के होते हुए भी इसका रोमांस एक अन्य महिला से चल 
रहा है...ये हमारा फ़र्ज़ बनता है की हम ऐसे ऐयाश लोगों की करतूतें लोगों के सामने लायें 

रौशनी     :हमारा प्लान क्या होगा मैडम?

प्रिया       : वही पुराना प्लान...पहले  जासूसी...शिकार की हर हरक़त पे नज़र 

अमित     : पर मैडम अगर उस में कुछ नहीं मिला तो?


प्रिया       : सिम्पल ....तब प्लान 'बी'...मतलब तब हम चारा फेंकेंगे, रौशनी के हुस्न के चारा देखकर तो बड़े बड़े शरीफ...बदमाश बन जाते हैं, क्यूँ रौशनी?


रौशनी      : अब मैं क्या कहूँ मैडम जी...कम से एक दर्जन शिकार तो कर ही चुकी हूँ...


अमित     : समझ गया मैडम...उधर रौशनी का हुस्न ऑन हुआ और इधर मेरा कैमरा  




चौथा दृश्य 


इमोशनल भ्रष्टाचार के ऑफिस का दृश्य जहाँ पर प्रिया, अमित और रौशनी टीवी पे नज़रें गड़ाये हुए बैठे हैं.


अमित       : प्रिया मैडम, तीन दिन हो गए राजीव कपूर की जासूसी करते हुए पर कुछ भी मसाला  नहीं मिला 

रौशनी        : हाँ मैडम जी , महिला छोड़िये ये तो पुरुषों के पास भी नहीं जाता...बहुत ही ड्राई किस्म  का इंसान है ये राजीव कपूर

प्रिया          : निराश  हो मेरे बच्चों, हमे बड़े बड़े ड्राई को फ्राई करना आता है, रौशनी अब तुम्हारा काम चालू....जा के राजीव कपूर को अपने सौन्दर्य जाल में फंसाओ...

रौशनी         :देखते हैं बुलबुल सैय्याद से कब तक भागेगी

अमित        : इस चैनल की किस्मत कभी तो जागेगी 

प्रिया           : फिर हमारी टी आर पी विज्ञापन मांगेगी 


(पार्श्व में गाना बजता है और रौशनी उस पर थिरकती  है : तौबा  मेरा कजरा ,और कजरे  की धार , कैसे  फंसेगे इसमें मेरे  शिकार... ये है इमोशनल भ्रष्टाचार ...
ये है इमोशनल भ्रष्टाचार )


पांचवा दृश्य 

  
राजीव के ऑफिस का दृश्य, राजीव की सेक्रेटरी उसके केबिन में आती है 

सेक्रेटरी : सर आप से एक महिला मिलने आयीं है, कह रही है कुछ ज़रूरी काम है 

राजीव   : भेजो उसको
रौशनी केबिन के अन्दर आती है 
राजीव    : कहिये मै आप के लिए क्या कर सकता हूँ ?


रौशनी   : वैसे तो आप बहुत कुछ कर सकते हैं...पहले कुछ चाय काफी  हो जाये 


राजीव    : देखिये मेरे पास बहुत से काम हैं..आप अपना काम बताइए 


(रौशनी उठ के राजीव के बगल में खड़े हो कर उसके नज़दीक जाने की कोशिश करती है)

रौशनी  : मेरा काम तो आपके काम आना है...मेरे साथ यहाँ चाय पीने में आप को शर्म आती है तो हम बाहर भी चल सकते हैं...यहाँ पर मेरे पास होटल में रूम भी है...वहां चल कर आप चाय....या कुछ और भी पी  सकते है 

राजीव रौशनी से दूर जाने की कोशिश करता है, पर रौशनी उस के नज़दीक आती  जाती है, विवश हो कर राजीव रौशनी को दोनों हाथों से  पकड़ कर बाहर करने की कोशिश करता है...तभी अमित अपना कैमरा ले  कर राजीव के केबिन में घुस आता है 
रौशनी    : अमित शोट अच्छा लेना, पिछली बार मै मोटी दिखी थी 
अमित (घूम घूम कर शोट लेते हुए)   : चिंता नहीं करो रौशनी तुम अपना काम चालू रखो...और कस के पकड़ो इसको
राजीव  :ये क्या हो रहा है ...कौन हो तुम लोग क्या चाहते हो...बंद करो ये तमाशा वरना मै पुलिस को बुलाऊंगा ....गार्ड गार्ड (जोर से चिल्लाता है)

रौशनी  : हाँ हाँ बुलाइए पुलिस को...पुलिस आप को ही पकड़ेगी एक अबला की इज्ज़त के साथ खिलवाड़ करने पर
अमित  : और साहब गार्ड को क्यूँ बुलाते हैं ....अपने ही ऑफिस में अपनी फजीहत क्यूँ करवाना चाहते हैं?

रौशनी  : एक अच्छा सा एंगल और दे दो बस...बाकी का काम तो मेरी एडिटिंग और 
डबिंग कर देगी....ऐसे डाईलोग  फिट करूँगा की देखने वालों को 'मनोहर कहानिया' याद  जाएँ 
(रौशनी और राजीव के बीच में हाथापाई चलती रहती है अमित लगातार शूट करता रहता है)
अमित   : बस करो रौशनी काफी मसाला मिल गया, अब यहाँ से निकल लो 

छठा दृश्य 
एमोशनल भ्रष्टाचार के  ऑफिस में प्रियाअमित और रौशनी टीवी पे फूटेज देख रहे हैं 

प्रिया    :वाह मेरे होनहार सदस्यों क्या शाट लिया है...क्या एडिटिंग हैक्या डबिंग है...क्या मिक्सिंग है ...वाह
अमित : मैडम लग रहा है  की दोनों के बीच में ज़बरदस्त प्रेम प्रसंग चल रहा है?
रौशनी  : और मेरे चेहरे के भाव...मेरी एक्टिंग की कोई तारीफ नहीं कर रहा 
प्रिया   : अरे नहीं रे तू तो है ही मेरी आयटम नंबर ...ठुमके लगा के पैसे कमाने की मशीन
अमित  : मैडम ये बताइए अब इस फिल्म से हम पैसे कैसे कमाएंगे 
प्रिया   :राजीव कपूर एपिसोड को दुहने का वक़्त  गया हैहमारी खबर के अनुसार राजीव के ही ऑफिस में काम करने वाला अमन गुप्ता राजीव का धुर विरोधी हैइस एपीसोड को दिखाने से उसका ज़बरदस्त फायदा होगासो वो एक अच्छी कीमत दे सकता है इस एपिसोड को दिखाने के लिए,
रौशनी : और राजीव कपूर भी अच्छी कीमत दे देगा इस एपिसोड को  दिखाने के लिए 
अमित  : और हम इस झूठे सच की नीलामी करेंगे 
प्रिया    : सही बात ....जिसकी बोली ऊंची ...ये टेप उसी का 

सातवाँ दृश्य 
राजीव के घर का दृश्य 
घंटी की आवाज़ आने पर अनीता दरवाज़ा खोलती है
राजीव (कुछ परेशान है) : अनीता आज तो हद्द ही हो गयी 
अनीता मुस्कुराते हुए : तो आज आप के कमरे में फिल्म शूट हुई क्या 
राजीव (अचरज से) : फिल्म शूटमतलब तुमको खबर लग गयी..
अनीता अपना फ़ोन ऑन करती है...और पार्श्व में राजीव के केबिन में रौशनी और अमित का वार्तालाप सुनाई देता है...
राजीव : ये क्या है अनीता 
अनीता : आप ने आज सुबह गलती से मेरा फ़ोन मिला दिया था , ये सोच के शायद मुझे आप के खिलाफ कुछ सबूत मिल जाएँ मैंने फ़ोन पे रेकॉर्डिंग ऑन कर दीपर तब मुझे ये सब सुनाई पड़ा , ये सब उस चुड़ैल प्रिया का किया धरा है जो पैसे कमाने के लालच में लोगों की जिंदगियां बिगाड़ रही है|   गलती मेरी भी है की मैंने आप पे शक किया
राजीव ;थैंक यू अनीतातुमने आज मुझे बचा लिया 
अनीता : अच्छे और सच्चे लोगों पे कोई आंच  ही नहीं सकतीलेकिन मैं प्रिया को नहीं छोडूंगी...उस के चैनल पे मानहानि का दावा करुँगी और अगर उसने अकड़ दिखाई तो ये टेप पुलिस तक पहुंचा दूँगी
राजीव : तो आज स्टिंग ओपरेशन करने वालों पे भी स्टिंग हो गया और इमोशनल भ्रष्टाचार भी भ्रष्ट साबित हो गया 
अनीता : ऐसे भ्रष्ट चैनल वालों से दर्शकों को बच के रहना चाहिए जो की अपनी टी आर पी के लिए झूठ की ऐसी सरंचना करते हैं की झूठ सच में बदल जाए
पार्श्व में आवाज़ आती है 
स्टिंग नहीं चाहिए सनसनी नहीं चाहिए,
फरेबी चमक दमक रौशनी नहीं चाहिए,
सच के पहरेदारों तुम सच ही दिखलाओ,
झूठ से होने  वाली आमदनी नहीं चाहिए